
Rahul Gandhi Parliament Controversy : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा 2020 के गलवान संघर्ष से जुड़े एक पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब का अंश पढ़ने की कोशिश के बाद संसद में भारी हंगामा हुआ। इसके बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में किरण रिजिजू ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण विषय है। भारत विरोधी तत्वों की भाषा बोलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें। संसद को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों का मंच न बनाएं।”
गलवान संघर्ष से जुड़ा है विवाद
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ का एक अंश पढ़ने की कोशिश की। कथित तौर पर यह अंश 2020 के गलवान घाटी संघर्ष से संबंधित है, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
यह किताब पिछले दो वर्षों से सरकार की मंजूरी के लिए लंबित बताई जा रही है।
‘अप्रमाणित किताब से उद्धरण गलत’
किरण रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि वह ऐसी किताब से उद्धरण दे रहे थे, जिसकी न तो प्रामाणिकता स्पष्ट है और न ही जिसे प्रकाशित करने की अनुमति मिली है।
उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री और हमने स्पष्ट कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा। कोई भी व्यक्ति चेयर को चुनौती नहीं दे सकता, लेकिन राहुल गांधी बार-बार वही गलती दोहराते रहे।”
‘खुद को संसद से ऊपर समझते हैं राहुल’
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद के नियमों का पालन नहीं करते और खुद को संसद से ऊपर समझते हैं।
रिजिजू ने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां नियमों के अनुसार काम होता है। राहुल गांधी नियमों का पालन नहीं करते और खुद को संसद से ऊपर मानते हैं।”
चीन सीमा का मुद्दा उठाने पर कांग्रेस पर पलटवार
रिजिजू ने चीन सीमा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, “क्या कांग्रेस पार्टी उस जमीन को वापस ला सकती है, जिस पर चीन ने 1959 और 1962 में कब्जा किया था?”
उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
मंत्रियों का हस्तक्षेप, स्पीकर का निर्देश
राहुल गांधी द्वारा संस्मरण में कथित तौर पर “डोकलाम में चीनी टैंक” का उल्लेख करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप किया। अमित शाह ने सवाल उठाया कि जब किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो उससे उद्धरण कैसे दिया जा सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंत्रियों की आपत्ति से सहमति जताते हुए राहुल गांधी से विवादित हिस्से के बिना अपना भाषण जारी रखने को कहा।



