MM Naravane Book Controversy : ‘यह मैं नहीं, पूर्व सेना प्रमुख का दृष्टिकोण है’: नरवणे विवाद पर राहुल गांधी ने दी सफाई

MM Naravane Book Controversy : नरवणे विवाद पर राहुल गांधी की सफाई, बोले- यह मेरी राय नहीं बल्कि पूर्व सेना प्रमुख का दृष्टिकोण है, सरकार किताब से क्यों डर रही है?

MM Naravane Book Controversy : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2020 के चीन सीमा संघर्ष को लेकर संसद में दिए गए अपने बयान पर उठे विवाद को लेकर सोमवार को स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मत नहीं है, बल्कि पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण में व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है, जिसका वह केवल उल्लेख कर रहे थे।

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जानबूझकर इस किताब को प्रकाशित होने से रोक रही है।

‘यह मेरी राय नहीं है’

राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह मैं नहीं हूं। यह वही है जो पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में लिखा है।”

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सेना प्रमुख के दृष्टिकोण से क्यों डर रही है और आखिर ऐसा क्या है, जिसे जनता के सामने आने से रोका जा रहा है।

‘किताब को लटकाया जा रहा है’

पीटीआई के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि जनरल नरवणे की किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है और इसे जानबूझकर “लटका” दिया गया है।
“वे सेना प्रमुख के दृष्टिकोण से इतने डरे हुए क्यों हैं? उन्हें आखिर किस बात का डर है?” उन्होंने पूछा।

संसद में क्यों हुआ हंगामा?

सोमवार को लोकसभा में उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब राहुल गांधी ने 2020 के चीन सीमा संघर्ष से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाते हुए एक पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला दिया, जो कथित तौर पर नरवणे की पांडुलिपि पर आधारित थी।

इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर सदन को “गुमराह” करने का आरोप लगाया।

‘सच सामने आया तो मो दी-राजनाथ की सच्चाई उजागर होगी’

राहुल गांधी ने दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ बातें लिखी हैं, जिनके कुछ अंश पहले ही एक लेख में प्रकाशित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, “अगर यह किताब सामने आ गई, तो लोगों को पता चलेगा कि जब चीन हमारे सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?”

सरकार पर बोलने से रोकने का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें डर के कारण संसद में बोलने नहीं दे रही है। उनका कहना है कि यह किताब सेना और देश के राजनीतिक नेतृत्व के बीच के संबंधों और उस दौर की सच्चाई को उजागर करेगी।

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