India EU Trade Deal : ट्रेड, टेक्नोलॉजी को बनाया जा रहा हथियार, भारत-EU ट्रेड डील पर बोले पीएम मोदी

India EU Trade Deal : भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, बोले ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को बनाया जा रहा हथियार, ट्रंप की नीतियों पर परोक्ष निशाना।

India EU Trade Deal : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित भारत-EU बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पीएम मोदी का यह बयान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ और रणनीतिक नीतियों की ओर इशारा माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दिया गया। पीएम मोदी ने इस समझौते को भारत-EU संबंधों में “नए युग का शंखनाद” बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ में भारतीय निवेश 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है। भारत और यूरोप की कंपनियों के बीच रिसर्च एंड डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में गहरा सहयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस साझेदारी को पूरे समाज की साझेदारी में बदला जाए।

प्रधानमंत्री ने बताया कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। इससे टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी। इसके साथ ही कृषि, फल-सब्जी, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पादों के निर्यात से किसानों और मछुआरों को सीधा लाभ होगा।

सेवा क्षेत्र को भी इस डील से मजबूती मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर आईटी, एजुकेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन और बिजनेस सर्विस सेक्टर को इससे फायदा होगा।

वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव

पीएम मोदी ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को लेकर बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कारोबारी जगत से अपील की कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी, सेमीकंडक्टर और चिप्स जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता कम की जाए और भरोसेमंद वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, जल संसाधन, सर्कुलर इकॉनमी और कृषि के क्षेत्रों में भारत और यूरोप को मिलकर जॉइंट रिसर्च और इनवेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह FTA दोनों पक्षों के लिए एक सकारात्मक और भविष्य-उन्मुख साझेदारी का संकेत है। पिछले 10 वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है। भारत में 6,000 से ज्यादा यूरोपीय कंपनियां और यूरोप में 1,500 से अधिक भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं।

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