
यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़ी नीतियों को लेकर सोनभद्र जनपद में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र और शिक्षाविद कलेक्ट्रेट परिसर पर एकत्र हुए और नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा और प्रशासन सतर्क नजर आया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के हालिया फैसले छात्रों के भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बिना जमीनी हकीकत समझे ऐसे निर्णय थोप रही है, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज ने चेतावनी भरे स्वर में कहा,
“यदि यूजीसी के जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह लड़ाई छात्रों के अधिकार और शिक्षा की गरिमा की है।”
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल/केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी के निर्णयों पर पुनर्विचार की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन से स्पष्ट है कि यूजीसी को लेकर जिले में असंतोष गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन राज्यव्यापी स्वरूप ले सकता है।
रिपोर्ट : रवि पाण्डेय
सोनभद्र



