
UGC Rule Controversy : यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अलंकार अग्निहोत्री का दावा है कि डीएम ने उन्हें अपने आवास पर बुलाकर कथित तौर पर बंधक बना लिया और उनके साथ अभद्र भाषा में बातचीत की।
मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि डीएम ने उन्हें बातचीत के लिए अपने आवास पर बुलाया था, जहां करीब 45 मिनट तक उन्हें बाहर जाने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी सुरक्षा को लेकर भी खतरा पैदा हो गया।
अलंकार अग्निहोत्री के मुताबिक, उन्होंने अपने साथ मौजूद सचिव दीपक पांडेय को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना देने पर उन्हें आवास से बाहर जाने दिया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि लखनऊ से आए एक फोन कॉल के दौरान स्पीकर पर बातचीत हो रही थी, जिसमें किसी व्यक्ति ने उनके लिए कथित तौर पर कहा – “पंडित पागल हो गया है।” अलंकार अग्निहोत्री ने इसे अपने सम्मान के खिलाफ बताते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम ने उन्हें दो घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया और कहा कि इस संबंध में लखनऊ से दबाव बनाया जा रहा है।
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उन्होंने हाल ही में यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।



