
Bollywood Gossip: फिल्म इंडस्ट्री में कई किस्से मशहूर हैं, लेकिन देव आनंद और शाहरुख खान के बीच हुआ एक छोटा सा संवाद आज भी लोगों को इंसानियत और संवेदनशीलता का मतलब समझाता है। यह किस्सा मोहन चुरिवाला ने साझा किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे देव आनंद ने बेहद प्यार और सम्मान के साथ शाहरुख को स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दी थी।
साल 2009 में उद्योगपति अनिल अंबानी की ओर से एक पार्टी रखी गई थी, जो रिलायंस एंटरटेनमेंट और हॉलीवुड फिल्ममेकर स्टीवन स्पीलबर्ग की साझेदारी के जश्न में थी। उसी पार्टी में देव आनंद और शाहरुख खान मौजूद थे। उम्र में बड़ा अंतर होने के बावजूद दोनों में जीवन के प्रति वही जोश और जुनून था।
पार्टी के दौरान देव आनंद की नजर शाहरुख पर पड़ी, जो चुपचाप स्मोकिंग कर रहे थे। देव साहब ने उन्हें डांटा नहीं, बल्कि बेहद नरमी और अपनापन दिखाते हुए कहा, “शाहरुख यार, तू क्यों इतना स्मोक करता है? तू इतना अच्छा लड़का है, इसे छोड़ दे।”
शाहरुख ने भी पूरे सम्मान के साथ जवाब दिया, “मैं कोशिश करूंगा।”
काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट अथुल राज के मुताबिक, ज़्यादातर लोग जानते हैं कि स्मोकिंग जैसी आदतें नुकसानदेह हैं, लेकिन उन्हें छोड़ पाना आसान नहीं होता। ऐसे में अगर कोई सख्ती या शर्मिंदगी से भरी बात करता है, तो इंसान और ज्यादा रक्षात्मक हो जाता है। इसके उलट जब बात सम्मान और अपनापन लेकर कही जाए, तो उसका असर दिल तक पहुंचता है।
देव आनंद ने शाहरुख की पहचान और अच्छे इंसान होने की भावना को सामने रखकर बात की, न कि सिर्फ आदत पर हमला किया। यही वजह थी कि शाहरुख ने उनकी बात को खुले दिल से सुना।
इस किस्से से यह साफ होता है कि किसी को बदलने के लिए डांटना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी प्यार, सम्मान और सच्ची चिंता ही सबसे मजबूत असर छोड़ जाती है। देव आनंद और शाहरुख खान का यह छोटा सा पल यही सिखाता है कि इंसान को इंसान की तरह समझकर कही गई बात दिल तक पहुंचती है।



