
लखनऊ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा आज जीवंत, सशक्त और सहभागी लोकतंत्र का उदाहरण बनकर उभरी है। मंगलवार को पीठासीन अधिकारियों के 86वें अखिल भारतीय सम्मेलन के दूसरे दिन विधानभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर बार उत्तर प्रदेश विधानसभा आने पर यहां सकारात्मक और प्रेरणादायी परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
ओम बिरला ने कहा कि प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने देश और दुनिया की सबसे बड़ी विधानसभा में लोकतांत्रिक मूल्यों, श्रेष्ठ परंपराओं और आधुनिक संसदीय प्रक्रियाओं को प्रभावी रूप से लागू किया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे विशेष योग्यता वाले जनप्रतिनिधियों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए बनाए गए विषयगत समूहों से सदन की कार्यवाही अधिक सार्थक और परिणामोन्मुखी बनी है।
महिला और युवा सहभागिता बढ़ाने के नवाचारों की सराहना
सम्मेलन के दौरान यूपी विधानसभा में हुए बदलावों पर आधारित 13 मिनट की लघु फिल्म का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं और युवाओं के लिए अलग-अलग सत्रों का आयोजन एक अनुकरणीय पहल है। महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने और युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए ‘युवा संवाद’ और ‘युवा चर्चा’ जैसे मंचों ने नई दिशा दी है।
लोकतंत्र को मजबूत करते हैं विधानसभाओं के प्रयोग
ओम बिरला ने कहा कि विधानसभाओं में किए गए प्रयोग, नियमों में सुधार और सहभागिता बढ़ाने की पहल पूरे देश के लिए प्रेरणादायी होती है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में देश की विधानसभाओं में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिससे जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।
जनविश्वास बढ़ाने के लिए समिति गठन की उम्मीद
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि स्थायी समिति की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई है और उन्हें उम्मीद है कि सम्मेलन में आए सुझावों के आधार पर एक समिति का गठन किया जाएगा, जो विधानसभाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास को और सुदृढ़ करने का काम करेगी।
इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अतिथियों का स्वागत किया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने दूसरे दिन की कार्यवाही की शुरुआत कराई, जबकि त्रिपुरा विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष राम प्रसाद पॉल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
लोकतंत्र का आधार जनता का विश्वास: देवनानी
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का अटूट विश्वास है, जो निरंतर संवाद, जिम्मेदारी और आचरण से बनता है। उन्होंने कहा कि सदन की श्रेष्ठता बहुमत की ताकत से नहीं, बल्कि अल्पमत की आवाज के सम्मान से तय होती है।
चुनावी सुधार जरूरी: नरेंद्र तोमर
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि उच्च मानदंड तय किए जाएं, तो लोकतंत्र और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकता है।



