
UCC Data Uttarakhand: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हुए लगभग एक साल पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर धामी सरकार ने यूसीसी के तहत अब तक हुए विभिन्न रजिस्ट्रेशन से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। इन आंकड़ों में शादियों के साथ-साथ लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण की जानकारी भी शामिल है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए अब तक 68 लोगों ने आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में संबंधित पक्षों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में भी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं। सरकार का दावा है कि समान कानून व्यवस्था से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिल रहे हैं और सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने यूसीसी को एक ऐतिहासिक सुधार बताया है। वहीं, विपक्ष लगातार इस कानून को लेकर सवाल उठा रहा है और इसे निजी जीवन में हस्तक्षेप करार दे रहा है। यूसीसी को लेकर जारी ये आंकड़े एक बार फिर देशभर में समान नागरिक संहिता पर बहस को तेज कर सकते हैं।



