पीएम मोदी ने असम में 6,950 करोड़ की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया

प्रधानमंत्री मोदी ने असम के कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया, विकास-पर्यावरण संतुलन पर जोर।

कालियाबोर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को असम के कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया। यह परियोजना एनएच-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड पर चार लेन के निर्माण से जुड़ी है, जिससे काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और वन्यजीव संरक्षण को भी बल मिलेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काजीरंगा केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं, बल्कि असम की आत्मा और भारत की जैव विविधता का अनमोल रत्न है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण से केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होते हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में काजीरंगा में पर्यटन में लगातार वृद्धि हुई है। इससे होमस्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे उद्यमों के माध्यम से स्थानीय लोगों को आय के नए साधन मिले हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह धारणा रही कि प्रकृति और प्रगति एक-दूसरे के विरोधी हैं, लेकिन आज भारत दुनिया को दिखा रहा है कि अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

असम की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित बागुरुंबा द्वौ उत्सव में भाग लेने का अवसर मिला, जहां 10,000 से अधिक कलाकारों ने एक साथ प्रस्तुति देकर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने असम के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि यह अनुभव आंखों को सुकून और दिल को आनंद देता है।

वन्यजीव संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय असम में एक-सींग वाले गैंडों का अवैध शिकार बड़ी समस्या था, लेकिन सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और ‘वन दुर्गा’ पहल के चलते 2025 में गैंडों के अवैध शिकार की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई।

दिल्ली के दिल के करीब पूर्वोत्तर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा दर्द वर्षों तक दूरी – दिलों की दूरी और विकास की दूरी रहा है। लेकिन बीते वर्षों में सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों के विस्तार से यह स्थिति बदली है। उन्होंने कहा कि आज पूर्वोत्तर विकास के हाशिये पर नहीं, बल्कि राष्ट्र और दिल्ली के दिल के करीब है।

रेल संपर्क पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पहले असम को रेल बजट में लगभग 2,000 करोड़ रुपये मिलते थे, जिसे उनकी सरकार ने बढ़ाकर करीब 10,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कर दिया है। इस अवसर पर उन्होंने कालियाबोर से तीन नई रेल सेवाओं की घोषणा की, जिनमें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और दो अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने घुसपैठ और अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि असम की पहचान, संस्कृति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि असम का विकास पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति के नए द्वार खोलेगा और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती देगा।

कार्यक्रम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल और पबित्र मार्गेरिटा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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