
Manipur ethnic violence : मणिपुर में मई 2023 में हुई जातीय हिंसा के दौरान कथित तौर पर अगवा और गैंगरेप की शिकार हुई कुकी महिला की इस महीने की शुरुआत में मौत हो गई। पीड़िता उस समय 18 साल की थी और इंफाल में एक ब्यूटी सैलून में काम करती थी।
पीड़िता को 15 मई, 2023 को बंधक बनाया गया और बिष्णुपुर जिले की पहाड़ी पर ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। वह भागने में सफल रही, लेकिन तब से लगातार मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही थी। उसे यूटेराइन फाइब्रोसिस और गहरा डिप्रेशन हुआ, और इलाज के लिए नागालैंड, असम और मणिपुर के कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी की हालत लगातार खराब होती रही और 11 जनवरी को चुराचांदपुर जिले के एक सरकारी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि CBI जांच और मुआवजे की प्रक्रिया में देरी के कारण न्याय मिलने में भी बाधा आई।
260 से अधिक लोग मारे गये थे
FIR के मुताबिक, भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 307, 364, 376, 376D, 506, 34 और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया था। हिंसा के दौरान 260 से अधिक लोग मारे गए और 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे।
इस घटना ने मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



