
Prayer for rain and snowfall: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इस बार मौसम ने लोगों को निराश कर दिया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद न तो अपेक्षित बारिश हो रही है और न ही बर्फबारी। बीते वर्ष दिसंबर महीने में भी प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई थी, जिसका असर अब साफ दिखाई दे रहा है।
बारिश और बर्फ की कमी से परेशान होकर देवभूमि के एक गांव के लोगों ने अब आस्था का सहारा लिया है। ग्रामीणों ने देवताओं से प्रार्थना करते हुए यह प्रण लिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश या बर्फबारी नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से तपस्या करेंगे।
ग्रामीणों का मानना है कि बर्फबारी न होने से न केवल ठंड का संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि इसका सीधा असर जल स्रोतों, खेती और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। इसी कारण गांव में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू किए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज चिंता का विषय है और अब उम्मीदें केवल देवताओं की कृपा पर टिकी हैं।



