
Pratapgarh News-स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सत्प्रेरणा के तत्वावधान में नगर स्थित मीरा भवन में “भारत की गौरवशाली परंपरा” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता के मूल विचारों को सशक्त करना रहा।
भारतीय पंचांग पूजन व पुरोहितों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान भारतीय पंचांग का विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर पूज्य पुरोहितों को अंगवस्त्र एवं पंचांग भेंट कर सम्मानित किया गया तथा पुष्पवर्षा से उनका अभिनंदन किया गया। पूरे वातावरण में श्रद्धा, सम्मान और भारतीय परंपरा की गरिमा स्पष्ट रूप से झलकती रही।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया उपस्थित रहे।
अति विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला संघचालक चिंतामणि द्विवेदी रहे।
विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी, नई दिल्ली बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक कुमार पाण्डेय, बृजेंद्र सिंह (छोटे भैया) शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने की।
संयोजन ज्योतिषाचार्य आलोक ऋषिवंश तथा आयोजन एवं संचालन डॉ. सौरभ पाण्डेय द्वारा किया गया।
भारतीय संस्कृति समरसता की प्रतीक : उदयभान करवरिया
मुख्य अतिथि उदयभान करवरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति समरसता, सम्मान और प्रेम का संदेश देती है। भारतीय पंचांग दर्शन, ज्योतिष, खगोल और विज्ञान का अद्भुत समन्वय है, जिसके आधार पर भविष्य की खगोलीय घटनाओं का आकलन संभव होता है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर आधारित है और समाज की एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
स्वामी विवेकानंद से युवाओं को प्रेरणा लेने का आह्वान
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। मकर संक्रांति का पर्व भी सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का संदेश देता है।
इस अवसर पर आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुरोहित समाज सभी वर्गों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हरिओम मिश्र ने समाज को एकजुट रखना प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य बताया। वहीं शिव प्रकाश मिश्र सेनानी ने ऐसे आयोजनों को सामाजिक समरसता के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय
जिला संवाददाता: यूनाइटेड भारत



