
Republic Day Parade 2026 : इस बार 26 जनवरी को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड पहले से बिल्कुल अलग और ज्यादा रोमांचक होगी। ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में परेड को ऐसे नए चरणबद्ध युद्ध संरचना (Staged Battle Formation) प्रारूप में पेश किया जाएगा, जिसमें यह दिखाया जाएगा कि वास्तविक युद्ध में भारतीय सेनाएं कैसे कार्रवाई करती हैं।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि परेड में पैदल सेना, टैंक, तोपखाना, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और वायु शक्ति को उसी क्रम में प्रदर्शित किया जाएगा, जिस तरह युद्ध के दौरान इनका इस्तेमाल किया जाता है।
90 मिनट की परेड होगी ज्यादा रोचक और कहानीनुमा
रक्षा सचिव ने कहा कि लक्ष्य 90 मिनट की परेड को दर्शकों के लिए और अधिक आकर्षक, जीवंत और समझने योग्य बनाना है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले की परेडें काफी हद तक पारंपरिक और रूढ़िवादी होती थीं।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देश में जो उत्साह है, उसे देखते हुए इस बार परेड में यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि युद्ध कैसे आगे बढ़ता है – टोही से लेकर लॉन्ग-रेंज हथियारों, फिर रसद और वायु शक्ति के एकीकरण तक।”
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था। 7 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी और सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। चार दिन चले इस सैन्य टकराव में 9 आतंकी शिविर तबाह, 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, भारतीय वायुसेना ने 13 पाकिस्तानी एयरबेस व सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और पाकिस्तान को F-16 और JF-17 समेत 12–13 विमान गंवाने पड़े।
फ्लाईपास्ट भी होगा
इस बार परेड के अंत में पारंपरिक फ्लाईपास्ट नहीं होगा। भारतीय वायुसेना की भूमिका को युद्ध क्रम के अनुसार परेड के दौरान ही दिखाया जाएगा।
फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, C-130J, P-8I मैरीटाइम एयरक्राफ्ट, C-295, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।
नई सैन्य इकाइयों की पहली झलक
परेड में सेना के पुनर्गठन की भी झलक मिलेगी। भैरव लाइट कमांडो यूनिट्स और ड्रोन युद्ध में माहिर शक्तिबाण तोपखाना इकाइयां पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगी।
EU के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ (EU) के नेता – यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे।
यह दूसरी बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय समूह के नेताओं को मुख्य अतिथि बनाया गया है। इससे पहले 2018 में आसियान देशों के नेता आमंत्रित किए गए थे।
परेड में दिखेंगे ये आधुनिक हथियार
- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
- आकाश और मीडियम-रेंज SAM सिस्टम
- T-90 और अर्जुन टैंक
- ATAGS और धनुष आर्टिलरी गन
- BMP-II
- ड्रोन और नया यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर
वंदे मातरम थीम और VIP कल्चर पर प्रहार
- परेड की थीम: वंदे मातरम (150 वर्ष पूरे होने पर)
- 30 झांकियां, जिनमें 6 राज्यों/विभागों की थीम आधारित झांकियां
- 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड
- 2500 कलाकारों का भव्य सांस्कृतिक नृत्य
VIP कल्चर खत्म करने के लिए V1/V2 नाम की जगह बैठने के बाड़ों को नदियों के नाम दिए गए हैं। बीटिंग रिट्रीट में बाड़ों के नाम संगीत वाद्ययंत्रों पर होंगे।



