
India-China relations: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट (आईडीसीपीसी) की उपमंत्री सुन हैयान से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए स्थितियों की समीक्षा की।

भारत दौरे पर आई हैयान के साथ बातचीत में बिजनेस और लोगों से जुड़े मुद्दों पर फोकस करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर एवं मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई। चीनी पक्ष ने इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने पर भारतीय पक्ष को बधाई दी और भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट की वाइस मिनिस्टर सुन हैयान से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति की समीक्षा की और लोगों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाकर एवं संवेदनशील मुद्दों पर चिंताओं को दूर करके संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, सुन हैयान ने विदेश सचिव को अपनी यात्रा के अनुभवों के बारे में बताया, जिसमें भारतीय मीडिया, थिंक टैंक और राजनीतिक दलों के साथ उनकी बातचीत भी शामिल थी। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय-आईडीसीपीसी कार्यक्रम के तहत आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए चीनी पक्ष की उम्मीदों के बारे में भी बताया।
मंत्रालय के मुताबिक विदेश सचिव ने संबंधों को फिर से बनाने के लिए दोनों देशों के लोगों के बीच समझ बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और इस संदर्भ में, बेहतर द्विपक्षीय संबंधों के लिए सही माहौल बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। दोनों पक्षों ने अपने नेताओं द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों को लागू करने और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के रास्ते पर आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की वरिष्ठ नेता का यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के उपाय तलाशने के उद्देश्य से हुआ है और पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)



