Bhutan solar project: भारत के सहयोग से भूटान में सोलर प्रोजेक्ट का शिलान्यास

Bhutan solar project: भूटान में 200 किलोवाट-पीक (केडब्ल्यू-पी) के एक सोलर प्रोजेक्ट का शिलान्यास थिम्पू के कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीएसटी) में हुआ, जो भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के सहयोग से ‘सौर और पवन परियोजनाओं को समर्थन’ प्रोजेक्ट के तहत भूटान द्वारा शुरू की जा रही विभिन्न रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में से पहली है। इसका लक्ष्य पड़ोसी देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के साथ ही सोलर शिक्षा को बढ़ावा देना है।
थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा रिन्यूएबल एनर्जी पार्टनरशिप काम कर रही है। फुएंटशोलिंग के कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 200केवी रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए शिलान्यास समारोह हुआ। यह भूटान के स्वच्छ ऊर्जा विजन की दिशा में एक कदम है, जो सोलर एनर्जी क्षमता को मजबूत करेगा। यह 13वीं पंचवर्षीय योजना में ‘सौर और पवन परियोजनाओं को समर्थन’ प्रोजेक्ट के तहत भारत के सहयोग से भूटान द्वारा शुरू की जा रही कई रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में से पहली है।
सीएसटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने एक बयान में कहा कि, सीएसटी ने 200 केडब्ल्यू-पी रूफटॉप सोलर पीवी सिस्टम के लिए सलांग टेंड्रेल (शिलान्यास) समारोह आयोजित किया, जो 2040 तक 5,000 मेगावाट का लक्ष्य हासिल करने के भूटान के रिन्यूएबल एनर्जी विन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे जेबी सोलर सॉल्यूशंस द्वारा बनाया जा रहा है, जो मई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
यह 18.29 मिलियन न्गुल्ट्रम का प्रोजेक्ट है और एक बार चालू होने के बाद, यह सिस्टम नेट-मीटरिंग के जरिए बीपीसी एलवी ग्रिड के साथ इंटीग्रेट हो जाएगा, जिससे सीएसटी स्वच्छ, टिकाऊ ऊर्जा उत्पन्न और साझा कर पाएगा। बयान में कहा गया, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य आईएसए फ्लैगशिप प्रोग्राम के तहत स्थापित स्टार-सी के अलावा सोलर शिक्षा और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग में सीएसटी की क्षमता को मजबूत करना भी है।
बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भूटान के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा एकीकरण को निरंतर मजबूती प्रदान कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के हाल ही में किए भूटान दौरे ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को एक नई दिशा दी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने 45.5 करोड़ डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की और भारत की वित्तीय सहायता से निर्मित पुनात्सांगछू-द्वितीय जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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