UP Assembly Election 2027 : क्या यूपी में प्रियंका गांधी पर फिर दांव लगाएगी कांग्रेस

UP Assembly Election 2027 : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस सक्रिय हो गई है। क्या प्रियंका गांधी वाड्रा पर फिर दांव लगाएगी कांग्रेस? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

UP Assembly Election 2027. उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस लंबे समय से कमजोर स्थिति में बनी हुई है। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को छह सीटों पर जीत मिली, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सफलता मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का परिणाम थी। अब कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर प्रदेश में संगठन और जनसंपर्क को तेज करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी की मौजूदा गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस एक बार फिर प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश में आगे कर सकती है।

कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त करते हुए उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का महासचिव बनाया था। हालांकि उस चुनाव में पार्टी को कोई खास लाभ नहीं मिला और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी सीट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी को पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और पार्टी महज दो सीटों पर सिमट गई।

2022 के बाद यूपी से दूरी

2022 की करारी हार के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा काफी समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति से दूर रहीं। वे 2023 के अंत में तब सक्रिय दिखीं, जब 2024 के लोकसभा चुनाव नजदीक थे और सपा-कांग्रेस गठबंधन की तस्वीर साफ हो रही थी। 2024 के चुनाव में कांग्रेस की सीमित मौजूदगी इसी रणनीति का नतीजा मानी गई।

कांग्रेस में बढ़ी प्रियंका की सक्रियता

बीते कुछ महीनों में प्रियंका गांधी की पार्टी के भीतर सक्रियता लगातार बढ़ी है। कांग्रेस के “मनरेगा बचाओ अभियान” का श्रेय भी उन्हें दिया जा रहा है। इसके अलावा संसद में वंदे मातरम से जुड़े मुद्दे पर दिया गया उनका भाषण चर्चा में रहा, जिससे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला। इसी क्रम में यूपी कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के जन्मदिन 12 जनवरी से 100 दिनों के जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस का ओबीसी प्रकोष्ठ सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एक साल तक चलने वाला “परिवर्तन प्रतिज्ञा अभियान” चला रहा है।

अजय राय का ग्राउंड प्लान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 20 जिला और शहरी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि मौजूदा और पूर्व सांसद-विधायक अपने क्षेत्रों में 100 दिवसीय राजनीतिक कार्ययोजना लागू करें। इस अभियान में इमरान मसूद, उज्ज्वल रमन सिंह, तनुज पुनिया, राजीव शुक्ला, वीरेंद्र चौधरी, निर्मल खत्री, सलमान खुर्शीद और प्रदीप जैन आदित्य जैसे वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इस अभियान के तहत संविधान बचाओ जनसभाएं, बीजेपी शासित केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। खास तौर पर संवैधानिक अधिकारों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मनरेगा जैसे मुद्दों पर जनता से सीधा संवाद किया जाएगा।

राहुल-प्रियंका की संभावित रैलियां

अभियान के समापन पर लखनऊ में बड़ी रैली की योजना है, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संगठन सृजन अभियान लगभग पूरा हो चुका है और यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का पहला बड़ा और सुनियोजित जनसंपर्क अभियान होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि प्रियंका गांधी एक बार फिर आक्रामक भूमिका में यूपी की राजनीति में उतरती हैं, तो इससे कांग्रेस को संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है। हालांकि इसका चुनावी असर कितना होगा, इसका फैसला 2027 में ही होगा।

Show More

Related Articles

Back to top button