‘अन्वेषा’ : ‘आसमान में भारत की एक और आंख’, पाक और चीन पर रहेगी नजर – इसरो कल करेगा लॉन्च

इसरो आज पीएसएलवी-C62 मिशन के तहत निगरानी सैटेलाइट ‘अन्वेषा’ लॉन्च करेगा। यह सैटेलाइट पाकिस्तान और चीन की गतिविधियों पर नज़र रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

नई दिल्ली। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्ष 2026 के अपने लॉन्चिंग कैलेंडर की शुरुआत पीएसएलवी-C62 मिशन से करने जा रहा है। इस मिशन के तहत एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-एन1, जिसे ‘अन्वेषा’ नाम दिया गया है, को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसे भारत की सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसरो का पीएसएलवी-C62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। ‘अन्वेषा’ को भारत के लिए “आसमान में एक और आंख” के रूप में देखा जा रहा है, जो सीमा सुरक्षा, दुश्मन गतिविधियों की निगरानी और रणनीतिक खुफिया जानकारी जुटाने में अहम भूमिका निभाएगा।

‘अन्वेषा’ एक हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसे डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है। इसमें दुश्मन ठिकानों की सटीक तस्वीरें लेने, मैपिंग और सर्विलांस की उन्नत तकनीक मौजूद है। यह उपग्रह अंतरिक्ष से भारत की सुरक्षा तैयारियों को और मज़बूत करेगा।

पीएसएलवी-C62, पीएसएलवी रॉकेट का 64वां उड़ान मिशन होगा। 260 टन वजनी और 44 मीटर ऊंचा यह रॉकेट अपनी पिछली विफलता के बाद वापसी कर रहा है। 18 मई 2025 को हुए मिशन में तीसरे चरण में तकनीकी खराबी के कारण मिशन असफल रहा था, जिसके बाद इस लॉन्च को इसरो के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

15 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे

इस मिशन के तहत कुल 15 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। इनमें एक मुख्य भारतीय उपग्रह और 14 छोटे उपग्रह शामिल हैं। इन 14 में से 8 विदेशी सैटेलाइट हैं, जो फ्रांस, नेपाल, ब्राजील और ब्रिटेन के हैं। इस मिशन में हैदराबाद की निजी कंपनी ध्रुवा स्पेस पहली बार 7 सैटेलाइट लॉन्च कर रही है, जिसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इसरो के अनुसार, पीएसएलवी अब तक 63 सफल उड़ानें पूरी कर चुका है और इसी रॉकेट ने चंद्रयान-1, मंगल ऑर्बिटर मिशन और आदित्य-एल1 जैसे ऐतिहासिक मिशनों को अंतरिक्ष में पहुंचाया है। पीएसएलवी-C62 के ज़रिए इसरो एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता साबित करने जा रहा है।

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