
Dhurandhar Controversy: बॉलीवुड में अक्सर फिल्में अपनी कहानी और कलाकारों की वजह से सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन कभी-कभी एक छोटा सा संवाद पूरी फिल्म की दिशा बदल देता है। आगामी फिल्म ‘धुरंधर’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब अभिनेता संजय दत्त के एक डायलॉग ने फिल्म को विवादों के घेरे में ला दिया।
फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट और शुरुआती चर्चाओं के दौरान सामने आए इस संवाद को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। दर्शकों के एक वर्ग ने इसे असंवेदनशील बताते हुए सवाल उठाए, वहीं कई यूज़र्स ने मेकर्स से जिम्मेदारी दिखाने की मांग की। देखते ही देखते यह मुद्दा केवल फिल्मी चर्चा तक सीमित न रहकर एक व्यापक बहस का विषय बन गया।
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विवाद बढ़ने के बाद फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आंतरिक स्तर पर समीक्षा की। इसके बाद निर्णय लिया गया कि संबंधित सीन और संवाद में बदलाव कर फिल्म का संशोधित कट तैयार किया जाएगा। मेकर्स का कहना है कि उनका उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखना है, न कि किसी वर्ग को ठेस पहुंचाना।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में दर्शक केवल कंटेंट नहीं देखते, बल्कि उस पर तुरंत प्रतिक्रिया भी देते हैं। ऐसे में किसी भी संवाद या दृश्य को नजरअंदाज करना मेकर्स के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ‘धुरंधर’ का मामला इस बदलते दर्शक व्यवहार का ताजा उदाहरण माना जा रहा है।
संजय दत्त की छवि एक दमदार और प्रभावशाली अभिनेता की रही है, लेकिन इस बार विवाद उनके अभिनय से नहीं, बल्कि संवाद की व्याख्या को लेकर खड़ा हुआ। फिलहाल फिल्म का संशोधित संस्करण रिलीज की तैयारी में है और मेकर्स को उम्मीद है कि बदलाव के बाद फिल्म बिना किसी रुकावट के दर्शकों तक पहुंचेगी।



