
इंदौर में दूषित और जहरीले पानी से हुई मौतों के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर आयुक्त को हटाने और नगर निगम कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को हाईकोर्ट में होनी है, जहां प्रशासन की कार्रवाई और जवाबदेही पर चर्चा होगी। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।



